जनियें, लहसुन की खेती से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें 

Garlic Farming 

लहसुन (Garlic) कंद वाली रबी मौसम की फसल है, कंदीय फसलों मे प्याज एवं आलू के बाद लहसुन को एक महत्वपूर्ण फसल के रूप मे जाना जाता हैं।

भारतीय आहार मे लहसुन का इस्तेमाल खास तौर पर मसाले के रूप में किया जाता है लहसुन का उपयोग मसालों के अतिरिक्त औषधिए रूप मे किया जाता हैं।

लहसुन में एलिकिन नामक औषधीय तत्व पाया जाता है जिसमे एंटीऑक्सिडेंट, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमे विटामिन, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम खनिज प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। 

सामान्यतः लहसुन की फसल 160 से 170 दिनों मे पककर तैयार हो जाती है। लहसुन की उपज लहसुन की किस्में, भूमि और फसल की देखरेख पर निर्भर करती है। अच्छी देख रेख एवं अच्छी किस्में होने पर इसकी उपज प्रति हेक्टेयर 150 से 200 किवंटल तक की होती है।

किसान लहसुन की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते है क्योंकि लहसुन की मांग बाजार मे हमेशा बनी रहती है और इसका बाजार भाव भी काफी अच्छा मिलता है जिसके वजह से किसान लहसुन की खेती करके अच्छे मुनाफे कमा सकते है।

हमारे घरों के रसोई मे लहसुन का अलग-अलग रूप में प्रतिदिन इस्तेमाल किया जाता है इसका इस्तेमाल सब्जी, चटनी, आचार और मसाले आदि के रूप मे किया जाता हैं।

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आज के आधुनिक युग मे लहसुन सिर्फ मसालों तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसका प्रोसेसिंग करके कई प्रकार के प्रोडक्ट बनाए जाते है। जैसे कि इसका प्रोसेसिंग करके लहसुन का अचार, लहसुन पेस्ट, लहसुन पाउडर आदि बनाए जाते हैं। इन सभी प्रोडक्ट की मांग भी बाजार मे काफी देखने को मिलती हैं।

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