जानें, मक्का की किस्मों एवं इसकी विशेषता एवं पैदावार के बारें मे। 

बिरसा मक्का -1 

यह मक्के का किस्म 85 दिनों मे तैयार हो जाता है इस किस्म की उपज क्षमता 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की है।

पूसा कम्पोजिटट-3

यह मक्के की मध्यम अवधि की किस्म है इसका भुट्टा लंबा तथा दाना पीला, आकर्षक एवं मोटा होता है। इस किस्म की खास बात यह है कि यह किस्म अच्छी गुणवता वाली चारा देती है एवं पकने तक इसके तने हरे ही रहते है। इस किस्म की उपज क्षमता 44 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की है।

प्रकाश (जेएच 3189)

यह मक्के की किस्म 80 से 85 दिनों मे तैयार हो जाता है इसकी उपज क्षमता 25-30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की है। यह संकर किस्म की जल्दी तैयार होने वाली प्रजातियों में से एक है। इसकी खेती पूरे भारत में की जाती है।

डी-941 

यह मक्के की किस्म 80 से 85 दिनों मे तैयार हो जाता है इस किस्म कि प्रति हेक्टेयर जमीन से लगभग 40 से 45 क्विंटल फसल प्राप्त होता है।

पूसा कम्पोजिटट-4

यह मध्यम अवधि मे पकने वाली किस्म है इसकी तने मे चारे के लिए अच्छी गुणवत्ता पाई जाती है। इसका भुट्टा लंबा तथा दाना पीला, आकर्षक एवं मोटा होता है। इस किस्म की उपज क्षमता 44 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की है।

एचएम-13

इस किस्म मे 75% स्टार्च की मात्रा पाई जाती है इसकी उपज क्षमता 65-90 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की है।

केसरी

यह मक्के की किस्म 85 दिनों मे तैयार हो जाता है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ है। इसके दाने केसरी रंग के होते हैं।

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