जानें, कैसे जैविक तरीकों से होगा कीटों का नियंत्रण 

Green Blob

जैविक खेती कृषि मे आने वाले खर्चों को कम तो करती ही है साथ ही फसलों को कीटों एवं रोगों से बचाने के लिए कई प्रकार के जैविक कीटनाशकों जैसे कि नीमास्त्र, अग्नि-अस्त्र एवं ब्रम्हास्त्र आदि जैसी जैविक कीटनाशक के इस्तेमाल से फसलों को बचाया जा सकता हैं।

नीमास्त्र (Neemastra) कोई शस्त्र का नाम नहीं बल्कि जैविक कीटनाशक का नाम हैं यह फसलों मे लगे कीटों के नियंत्रण के लिए उपयोग मे लाया जाता हैं। नीमास्त्र को आसानी से घर पर बनाया जा सकता हैं।

Burst with Arrow

नीमास्त्र एक जैविक कीटनाशक हैं जिसे नीम की हरी पत्तियाँ या सूखे फल, गौमूत्र, गोबर एवं पानी की सहायता से बनाया जाता है। इसका इस्तेमाल फसलों मे लगने कीटों के नियंत्रण के लिए किया जाता हैं। नीमास्त्र रस चुसने वाले कीङे, छोटी सूँडी/इलियाँ के लिए उपयोगी हैं।

नीमास्त्र का प्रयोग फसलों मे चूसने वाले कीङे, छोटी सूँडी/इलियाँ के लिए किया जाता हैं। जब फसलों मे चूसने वाले कीङे, छोटी सूँडी/इलियाँ का प्रकोप दिखे तो नीमास्त्र का छीङकाव करके इन कीङो पर नियंत्रण पाया जा सकता हैं।

नीमास्त्र से किसानों को काफी लाभ हैं क्योंकि नीमास्त्र को आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है। नीमास्त्र को तैयार करने मे जो सामग्री लगती है वो सामग्री किसानों के पास आसानी से उपलब्ध होती हैं।

नीमास्त्र को आसानी से घर पर बनाया जा सकता है इसे बनाने के लिए कुछ सामग्री की आवश्यकता होती है। अगर ये सामग्री उपलब्ध हो तो इसे कोई भी आसानी से बना सकता है।

नीमास्त्र बनाने की विधि जानने के लिए नीचे क्लिक करें।

Medium Brush Stroke

Click here