Wednesday, August 17, 2022

Potato Digger Machine : पोटैटो डिगर से करें आलुओं की खुदाई, होगी समय और पैसें दोनों की बचत

आलू (Potato) किसी न किसी रूप मे हमारे प्रतिदिन के आहार मे होता ही है बजार मे आलू की मांग पूरे साल होती हैं सब्जी के अलावे इसका उपयोग चिप्स, फेरेंच फ्राई, फ्लेक्स, आलू पेठा, आलू कुकीज, आलू पापङ, आलू बर्फी आदि बनाने मे भी इसका उपयोग किया जाता है। स्वादिष्ट पकवानों से लेकर कई उत्पादों में इसकी बड़ी हिस्सेदारी है। बाजार मे आलू की अच्छी कीमत एवं मांग होने के कारण किसान आलू की खेती बङे पैमाने पर करते हैं। किसानों को आलू की खेती करने मे आलू की बुआई से लेकर खुदाई तक कड़ी मेहनत करनी पङती है।

आलू की फसल तैयार होने के बाद आलू की खुदाई करने का कार्य काफी मशक्कत वाला होता है और समय पर मजदूर के न मिलने से आलू खराब होने का भी डर बना रहता हैं। अगर मजदूर मिलते भी है तो किसानों को आलू की खुदाई करने मे ज्यादा समय और लागत आती है इन समस्याओं को हल करता हैं पोटैटो डिगर मशीन (Potato Digger Machine).

पोटैटो डिगर के इस्तेमाल से किसान आसानी से आलू की खुदाई कर सकते हैं खेतो मे इसके प्रयोग से कम समय एवं कम लागत मे अधिक जमीन से आलू की खुदाई की जा सकती हैं। इस मशीन से आलू की खुदाई करने पर आलू की गुणवत्ता भी अच्छी होती है आलू मे न तो ज्यादा मिट्टी लगे होते है और नहीं ज्यादा कट्टे-छत्ते होते है। कट्टे-छत्ते न होने से आलू की बर्बादी नहीं होती है जिससे किसानों को आलू का अच्छा कीमत मिलता हैं। आइए जानते है इस यंत्र कि विशेषताएं और उपयोग के बारें मे।

Potato Digger Machine
Potato Digger Machine

पोटैटो डिगर क्या है (Potato digger kya hai in hindi)

पोटैटो डिगर आलू को मिट्टी से पूरी तरह बाहर निकालने की मशीन है जिसे ट्रैक्टर की मदद से चलाया जाता है। इस मशीन मे ब्लेड, चेन, कन्वेयर बेल्ट, गिअर बॉक्स आदि होते है जो आलू को मिट्टी से बाहर निकालने एवं आलू मे लगे मिट्टी को हटाने का भी कार्य करता हैं। साथ ही इस मशीन मे गहराई नियंत्रण के लिए दो चक्के फ्रेम पर लगे होते हैं। किसान आवश्यकता अनुसार गहराई को सेट कर खेत से आलू की खुदाई करने का कार्य कर सकते हैं।

कैसे काम करती हैं पोटैटो डिगर मशीन (How Potato Digger Machine Works)

इस मशीन मे ब्लेड लगे होते है जो मिट्टी से आलू को निकालने का कार्य करता हैं कन्वेयर बेल्ट की सहायता से आलू जालीदार प्लेटफॉर्म पर आता है यह जालीदार प्लेटफॉर्म लगातार हिलता रहता है, जिससे मिट्टी के ढेले टूट कर नीचे गिरते जाते हैं और साफ आलू खेत में मिट्टी की सतह पर गिरते हैं। इस मशीन के पीछे चल रहे मजदूर आलू को एकत्रित करते जाते है। इस मशीन की मदद से एक दिन मे करीब 10 से 15 हेक्टेयर क्षेत्र से आलू की खुदाई की जा सकती है। आलू की खेती मे इस मशीन के प्रयोग से किसान सही समय पर आलू की फसल की खुदाई करके आलू की बर्बादी से बच सकते हैं।

Potato Varieties
Potato

यह भी पढे.. Milking Machine क्या है कैसे काम करती है!

पोटैटो डिगर की विशेषताएं (Features of Potato Digger)

  • यह मशीन आलू को बिना नुकसान पहुचाएं मिट्टी से आलू को निकालने का कार्य करता हैं। जिससे आलू की बर्बादी नहीं होती हैं। 
  • यह मशीन मिट्टी से आलू को निकालने के दौरान आलू मे लगे मिट्टी को झाङने का कार्य भी करता है। जिससे आलू साफ निकलता हैं। 
  • इस मशीन से आलू की खुदाई करने पर आलू कट्टे नहीं है। जिससे आलू की गुणवत्ता भी अच्छी रहती हैं। 
  • इससे कम समय एवं कम लागत मे अधिक जमीन पर आलू की खुदाई कर सकते हैं। 

Agriculture in hindi

आलू की खुदाई मशीन की कीमत (Potato digger price in india)

पोटैटो डिगर की कीमत 30-40 हजार से शुरू हो जाती हैं। कीमत कंपनी और तकनीक पर निर्भर करती है कई कंपनियां ऐसी भी पोटैटो डिगर बनाती है जो पूरा ऑटोमैटिक होता है जिसमे आलू के खुदाई के साथ आलू साफ होने के बाद सीधा बोरी मे भर जाती हैं इसकी कीमत दूसरे पोटैटो डिगर के अपेक्षा मे ज्यादा होती हैं। पोटैटो डिगर कई कंपनियाँ बनाती है इसे खरीदने के लिए अपने क्षेत्र की निजी कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं, जो कृषि उपकरणों का निर्माण करती हों।

Potato Digger Machine
पोटैटो डिगर से आलू की खुदाई करते हुए किसान.
किसानों को पोटैटो डिगर से लाभ

आलू की खुदाई मे पोटैटो डिगर के प्रयोग से उच्च गुणवत्ता वाला आलू बिना कट्टे-छत्ते बाहर खेत में मिट्टी की सतह पर गिरते हैं। जिससे आलू की बर्बादी कम से कम होती है और किसानों की लागत मे भी कमी आती है साथ ही किसानों की समय की भी बचत होती है। समय पर आलू की खुदाई हो जाने से किसान प्राकृतिक आपदाओं जैसे बेमौसम बारिश आदि से फसल को बर्बाद होने से बचा पाते हैं। इसके उपयोग से कम समय में अधिक से अधिक जमीन से आलू की खुदाई की जा सकती है। सही समय पर आलू की हार्वेस्टिंग हो जाने से किसान समय पर अगले फसल की बुआई कर पाते हैं।

वहीं किसान जब आलू की खुदाई पारंपरिक तरीके से करते हैं तो काफी समय लगता है और ज्यादा मजदूरों की भी आवश्यकता होती है। आज कल मजदूर मिलना भी काफी कम हो गया है समय पर किसानों को मजदूर नहीं मिल पाटा है। इसके अलावा हाथ से आलू की खुदाई करने में फसल की बर्बादी ज्यादा होती है यानि की आलू खुदाई करते समय कट्ट जाते है जिससे कारण किसानों को बाजार मे आलू की कीमत अच्छी नहीं मिलती है।

farming in hindi

तो मुझे आशा है कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा, अगर आपको पसंद आया है तो इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे। और उन तक भी आलू की खुदाई करने की आधुनिक कृषि यंत्र के बारे मे जानकारी पहुँचाए।

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